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जयललिता की विरासत: यू-एम विशेषज्ञ टिप्पणी कर सकते हैं

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जयराम जयललिता भारत की फ्लैम्बॉइअन्ट और विवादास्पद नेताओं में से एक थी। वे तमिलनाडु की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होनें दक्षिणी राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि दूसरों का कहना है कि उन्होनें भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। लंबा बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।

मिशिगन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ उनकी विरासत पर टिप्पणी कर सकते हैं:

राम महालिंगम, मनोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जो सामाजिक समूह, पाउअर और मनोवैज्ञानिक भलाई के बीच के संबंध की परख करते है।

"जयललिता का निधन तमिलनाडु में सेल्यूलाइड छवि राजनीति के युग के अंत का संकेत है जब बड़े पैमाने पर मीडिया के उपयोग से रंगीन राजनीतिक करियर शुरू होता था," उन्होंने कहा।

"महिलाओं में उनके अपील की वजह से उन्होनें कई लोकप्रिय सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बढाया, द्रविड़ पार्टियों की विरासत का विस्तार किया, अौर नव-उदारतावाद के दबाव का विरोध किया। उनका करिश्मा और लोगों के साथ कनेक्शन ने उनको यह लक्ष्य हासिल करने में सक्षम किया। वह एक फर्म और स्वतंत्र निर्णय करने वाली सर्वोच्च नेता थी। उसकी सफलता भारत की महिलाअों के लिये प्रेरणा हैं। "

संपर्क करें: 734-763-0049, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.


श्रीराम मोहन, संचार विभाग में डॉक्टरेट कर रहे हैं, वे राजनीतिक संचार, विशेष रूप से डिजिटल भारत में धार्मिक राष्ट्रवाद का अध्ययन करते है।

"24/7 टीवी और सोशल मीडिया के युग में यह कहना आसान हैं कि जयललिता एक भ्रष्ट अौर निरंकुश नेता थी जिंहोने अपने समर्थकों के चाटुकारिता को प्रोत्साहित किया और उसके विरोधियों से चुप्पी की मांग की," उन्होंने कहा। "हालांकि यह न तो झूठ है और न ही अप्रासंगिक हैं, लिकिन केवल इन रजिस्टरों पर उनकी विरासत की बात करना पूरी बात नही होगी।

"उनके कई रिकॉर्ड पर स्पर्श नहीं करना बेपरवाह होगा जैसे कि राज्यों के अधिकारों के लिये लगातार राष्ट्रीय सरकारों का विरोध करना, या पोषण, शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के लिए लगातार प्रतिबद्धता । वे राज्य के प्रभावशाली टीकाकरण रिकॉर्ड, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिये महिला पुलिस कर्मियों को लगाना, और उच्च विद्यालय में नामांकन को बनाए रखने में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति समुदायों के छात्राओं के लिये मुफ्त साइकिल में दिखाई देते हैं।

"लेकिन उसी तरह, उनके राजनीतिक कैरियर के दौरान आय से अधिक संपत्ति के मामले और राज्य मशीनरी के उपयोग से असंतोष को दबाना भी सामने आये।

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