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कैंसर रोगी ऑनलाइन मंचों के समूह से दिलासा लेते हैं

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एक कैंसर रोगी बिस्तर (शेयर छवि) में उसे कंप्यूटर पर लग रहा है। एन आर्बर-जब लोगों को कैंसर जैसे खतरनाक बीमारियों का सामना करना पडता हैं तो वे अक्सर साथियों से बीमारी के बारे में जानकारी और समर्थन चाहते हैं।

एक नये अध्ययन के अनुसार, ऑनलाइन मंचों और वैज्ञानिक वेबसाइट पर अन्य कैंसर रोगियों द्वारा पोस्ट किये गये व्यक्तिगत कहानियाँ इस तनावपूर्ण समय के दौरान आराम प्रदान करते हैं।

टेलीविजन मनोरंजन शो और मेडिकल ड्रामा लोगों को भयभीत और चिंतित करते हैं क्योंकि कहानी दर्शकों का ध्यान ध्यान आकर्षित करने के लिये सस्पेन्स का इस्तेमाल करता है, शोधकर्ताओं ने कहा।

"हम चिंता करते हैं कि क्या इंटरनेट पर पाई जानकारी विश्वसनीय है, लेकिन लोगों को जानकारी से अधिक चाहिये। वे दूसरे लोगो की कहानियाँ और प्रतिक्रियाओं से प्रोत्साहन हासिल करते हैं," अध्ययन में सह लेखक जन वान डेन बल्क ने कहा जो मिशिगन यूनिवर्सिटी में संचार विभग में प्रोफेसर हैं।

यह अध्ययन कैंसर शिक्षा जर्नल में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है। वान डेन बल्क ने अनुसंधान पर बेल्जियम के लोवेन विश्वविद्यालय की सारा नेलिसेन अौर कैथलीन बेलेंस के साथ सहयोग किया।

कई अध्ययनों ने कैंसर के रोगियों के इंटरनेट के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया है। यह अनुसंधान जांच करता हैं कि इस समूह के टीवी और इंटरनेट पर सहकर्मी कहानियों का कैसे उपयोग करता हैं अौर उसका क्या परिणाम है ।

लोवेन कैंसर सूचना सर्वेक्षण के डेटा का उपयोग करके, अध्ययन ने बेल्जियम में 621 कैंसर से पीडित व्यक्तियों को देखा। औसत उम्र 54 साल थी और अधिकता सब महिलाये थी। व्यक्तिगत बैक्ग्राउन्ड के अलावा, उत्तरदाताओं ने बताया कि वे टेलीविजन या इंटरनेट पर अन्य कैंसर रोगियों की कहानियों को देखा और कैसा महसूस किया।

अधिकांश उत्तरदाताओं बीमारी के बारे में अधिक जानने के लिए वेबसाइटों, मंचों और सूचनात्मक टेलीविजन कार्यक्रमों का उपयोग किया।

"यह फोरम वास्तविक जीवन की कहानियों पोस्ट करने वाले अौर कहानियाँ पढ़ने वाले के बीच बातचीत उत्पन्न कर सकता हैं," नेलिसन ने कहा जो अध्ययन के प्रमुख लेखक हैं।

फोरम अधिक वास्तविक और कम विश़ूअल जानकारी देता है, जो नाटकीय टीवी दृश्य की तुलना में अधिक आरामदायक हो सकता हैं, उन्होंने कहा।

अध्ययन ने पुरुषों और महिलाओं के बीच के मतभेदों को भी देखा। महिलाअों ने अन्य कैंसर रोगियों द्वारा पोस्ट किये गये व्यक्तिगत कहानियों का अधिक इस्तेमाल किया।

अधिक जानकारी
अध्ययन:
जनवरी वान डेन बल्क