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भारत ने 500, 1000 के नोटों को बंद किया : यू-एम के विशेषज्ञ टिप्पणी कर सकते हैं

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विशेषज्ञ ऐड्वाइज़री

भारत ने जालसाजी रोकने के लिये 500 और 1000 के नोट को अवैध घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के विशेषज्ञ टापिक पर चर्चा कर सकते हैं.

पुनीत मनचंदा रॉस बिजनेस स्कूल में मार्केटिंग के प्रोफेसर हैं। उनकी विशेषज्ञता उभरते क्षेत्रों के बाजार, भारत में व्यापार, और रणनीति और विपणन के मुद्दें हैं।

"भारत की मूल समस्या भ्रष्टाचार से लडने के लिये यह एक आश्चर्यजनक और रैडिकल नीति है," उन्होंने कहा। "सकारात्मक बात यह हैं कि यह बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को कम करने का स्पष्ट संकेत देता हैं। नकारात्मक बात यह है कि इससे नीचले और मध्यम लेवेल के भ्रष्टाचार को चोट पँहुचता है। बड़े लेवेल का भ्रष्टाचार इस कदम से नहीं मिट सकेगा।

"तरलता की कमी से रेआल एस्टेट जैसे बाजार भी धीमे होने की संभावना है। इसलिये कम अवधि में इसका प्रभाव बताना कठिन है, लेकिन यह मध्यम अवधि में मदद कर सकता हैं। इस नीति को ज़्यादा से ज़्यादा प्रभावी बनाने के लिए, सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अन्य नीतियों को भी रोल करना जारी रखना चाहिए। "

संपर्क करें: 734-936-2445, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.


विक्रमादित्य खन्ना, यू-एम लॉ स्कूल में प्रोफेसर, वैश्विक कंपनियाँ, वित्तीय कानून और नीति पर विशेषज्ञ है।

"एक आश्चर्य मूव में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि 500 और 1000 रुपये के नोट अब कानूनी तौर पर लीगल टेन्डर नही होगा," उन्होंने कहा। "यह बेहिसाब पैसे और भ्रष्टाचार के चिंताओं को दूर करने के लिये किया जा रहा था।

"लोग 30 दिसम्बर तक बैंकों और पोस्ट ऑफिस के खातों में अपने 500 और 1,000 रुपये में नोटों को जमा कर सकते है, लेकिन वो पैसे को बाहर लाता हैं। भ्रष्टाचार और बेहिसाब पैसे को संबोधित करने के लिये यह कितना प्रभावी होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन भारत में जालसाजी को संबोधित करने के लिए एक साहसिक कदम है। "

संपर्क करें: 734-369-2026, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.


एम एस कृष्णन रॉस स्कूल आफ बिजनेस में ग्लोबल इनिशटिव के एसोसिएट डीन और प्रौद्योगिकी और संचालन के प्रोफेसर है। वो भारत में बिजनेस और कम्प्यूटर सूचना प्रणाली का शोध करते है।

"मुझे लगता है कि यह भारत सरकार का यह उत्कृष्ट कदम है," उन्होंने कहा। "यह बेहिसाब काले धन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा जैसे चुनौतियों को एक साथ संबोधित करता हैं। पिछले कई महीनों में सरकार ने नागरिकों को धन घोषणा करने के लिए अवसरों दिया हैं, तो यह आने वाला था। लंबे समय में, यह भारत में व्यापार करना क्लीन अौर अनुकूल बनाएगा। "

संपर्क करें: 734-763-6749, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.