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भारतीय संसद ने सबसे बड़ा कर सुधार पारित किया: यू-एम विशेषज्ञ चर्चा कर सकते हैं

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महीनों की देरी के बाद, भारत की संसद ने वस्तु एवं सेवा कर को पारित कर दिया हैं जो भारत में आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार है। मिशिगन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ जीएसटी विधेयक के प्रभाव पर आलोचना कर सकते हैं:महीनों की देरी के बाद, भारत की संसद ने वस्तु एवं सेवा कर को पारित कर दिया हैं जो भारत में आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार है। मिशिगन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ जीएसटी विधेयक के प्रभाव पर आलोचना कर सकते हैं:

पुनीत मनचंदा रॉस बिजनेस स्कूल में मार्केटिंग के प्रोफेसर हैं। उनकी विशेषज्ञता उभरते क्षेत्रों के बाजार, भारत में व्यापार, और रणनीति और विपणन के मुद्दें हैं।

'वस्तु एवं सेवा कर का पारित होना भारत में अब तक का सबसे बड़ा कर सुधार है। शुरूआती प्रक्रियात्मक विकास होने के बाद इससे आर्थिक वृद्धि को तेजी से बढ़ाने की संभावनाएं हैं।

इसे राजनीति के ऊपर एकनामिक्स की जीत के रूप में देखा जाना चाहिए। इसे पारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक बहुत ही कमजोर विपक्षी पार्टी (कांग्रेस) था, लेकिन मोदी सरकार भी इसे पारित करने में प्रशंसा के हकदार हैं।यह इस सरकार के लिए एक निर्णायक आर्थिक क्षण हो सकता है।

"इससे मुद्रास्फीति दबाव बढ़ सकते है और यह अमीर राज्यों को दंडित करेंगा जो अपने कर-आय पर अधिक निरीक्षण पसंद करते है।लेकिन इसका लाभ एक दो साल बाद ही स्पष्ट होगा।"

संपर्क करें: 734-936-2445, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.


विक्रमादित्य खन्ना, यू-एम लॉ स्कूल में प्रोफेसर, वैश्विक कंपनियाँ, वित्तीय कानून और नीति पर विशेषज्ञ है।

"भारत में यह आजादि के बाद का यह सबसे महत्वपूर्ण कर सुघार हैं। जीएसटी के लागू होने से भारत में कारोबार करना आसान हो जायेगा और यह राज्यों के बीच माल और सेवाओं के प्रवाह को सुविधाजनक कर सकता है," उन्होंने कहा। "इससे भारत की सकल घरेलू उत्पाद में 2 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है जो पहले से ही दुनिया की तेजी से बढ़ते अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।"

संपर्क: 734-369-2026, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.


एम एस कृष्णन रॉस स्कूल आफ बिजनेस में ग्लोबल इनिशटिव के एसोसिएट डीन और प्रौद्योगिकी और संचालन के प्रोफेसर है। वो भारत में बिजनेस और कम्प्यूटर सूचना प्रणाली का शोध करते है।

संपर्क करें: 734-763-6749, This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.