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पिटाई से नुकसान ज्यादा

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एक माता पिता के फर्श पर एक बच्चे पर नीचे देख खड़ा है। (शेयर छवि)एन आर्बर — 50 साल के अनुसंधान के विश्लेषण से पता चलता है कि पिटाई बच्चों के लिए किसी भी तरह से अच्छा नही है; इसके हानिकारक परिणाम हो सकते है।

मिशिगन यूनिवर्सिटी और टेक्सास यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने 160,000 से अधिक बच्चों से जुड़े 75 अध्ययनों को देखा जिसमें बच्चों ने आक्रामकता, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और संज्ञानात्मक कठिनाइयों में वृद्धि दिखाई।

कई माता-पिता दुर्व्यवहार के लिये बच्चों की पिटाई करते है, लेकिन यह अभी भी प्रभावशीलता और औचित्य के बहस में डूबा हुआ हैं।

"हमारा विश्लेषण ज्यादातर पिटाई पर केंद्रित है, अपमानजनक व्यवहार पर नहीं," एलिजाबेथ गरशौफ ने कहा, जो टेक्सास यूनिवर्सिटी में मानव विकास और परिवार विज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

"हमने पाया है कि पिटाई अनिन्टेन्डिड हानिकारक परिणामों के साथ जुड़ा हैं अनुपालन से नही, जो माता-पिता का इरादा हैं, जब वे अपने बच्चों को अनुशासित करते हैं।"

गरशौफ और सह लेखक एंड्रयू ग्रोगन-केलर, जो मिशिगन यूनिवर्सिटी के सामाजिक कार्य स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, ने पाया कि पिटाई (जो पीछे या पांव और हाथ पर एक खुले हाथ के हिट के रूप में परिभाषित हैं) काफी हानिकारक परिणामों से जुड़ा हुआ हैं।

"इस अध्ययन का नतीजा यह है कि पिटाई से बच्चों में अवांछित परिणाम की संभावना बढ़ जाती है," ग्रोगन-केलर ने कहा। "पिटाई आमतौर पर माता-पिता जो चाहते हैं उसका विपरीत करता है।"

शोधकर्ताओं ने दीर्घकालिक प्रभाव के लिए वयस्कों में भी परीक्षण किया, जिनको बचपन में पीटा गया था। उन्होंने पाया जितना अधिक उनको पीटा गया उनके असामाजिक व्यवहार और मानसिक समस्याओं की संभावना उतनी ही अधिक हो गई ।

उनमें लोगों मे अपने बच्चों को पीटने की संभावना भी अधिक थी, यह दर्शाता हैं कि दंड की ओर रुख एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी तक कैसे पारित होता हैं, शोधकर्ताओं ने कहा।

"समाज पिटाई और शारीरिक शोषण को विशिष्ट व्यवहार के रूप में देखता है," गरशौफ ने कहा, जो पहले यू-एम में पढ़ाया करती थी। "हमारे शोध से पता चलता है कि पिटाई, शोषण की तरह, नकारात्मक परिणामों के साथ जुड़ा हुआ है।"

अमेरिका में कई वर्षों में माता-पिता की पिटाई की मंजूरी में एक मामूली गिरावट आई है, ग्रोगन-केलर ने कहा। इस बीच विश्व स्तर पर शारीरिक दंड पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बडा आंदोलन चल रहा है , उन्होंने कहा।

अध्ययन फैमिली मनोविज्ञान जर्नल में प्रकाशित हुआ।

अधिक जानकारी:

एंड्रयू ग्रोगन-केलर